शिक्षा बड़े काम का लिबरल आर्ट्स: डॉ. राकेश राणा : लिबरल आर्ट्स दुनिया की पुरानी विद्याओं में से एक है। यह एक तरह का संतुलित समिश्रण है, जिसमें इतिहास, भाषा, मानविकी, संगीत, दर्शन, मनोविज्ञान और सामान्य गणित जैसे विषय शामिल हैं।
संवेदनहीन सभ्यता के सबूत शरणार्थी: डॉ. राकेश राणा : गरीबी, अकाल, गृहयुद्ध और बिगड़ते परिस्थितिकीय संतुलन के चलते पूरे विश्व में शरणार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अफ्रीका और एशिया महाद्वीप में शरणार्थियों की बड़ी संख्या निवास करती है।
सामुदायिक सहभागिता से स्वच्छ होगा अपना देश: डॉ. राकेश राणा : स्वच्छ भारत अभियान सरकार का एक अच्छा और सराहनीय प्रयास है। देश की आबादी का बड़ा हिस्सा अभी तक स्वच्छ-सुरक्षित पानी, शौचालय और जल निकासी की मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित है।